हम हैं आपके साथ

यह हमारी नवीनतम पोस्ट है:


कृपया हिंदी में लिखने के लिए यहाँ लिखे

आईये! हम अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी में टिप्पणी लिखकर भारत माता की शान बढ़ाये.अगर आपको हिंदी में विचार/टिप्पणी/लेख लिखने में परेशानी हो रही हो. तब नीचे दिए बॉक्स में रोमन लिपि में लिखकर स्पेस दें. फिर आपका वो शब्द हिंदी में बदल जाएगा. उदाहरण के तौर पर-tirthnkar mahavir लिखें और स्पेस दें आपका यह शब्द "तीर्थंकर महावीर" में बदल जायेगा. कृपया "आपकी शायरी" ब्लॉग पर विचार/टिप्पणी/लेख हिंदी में ही लिखें.

गुरुवार, अक्तूबर 13, 2011

शायरों की महफिल से

किसी लेखक ने क्या खूब कहा है.
 जिंदगी और मौत
दोस्तों, 'मौत' शब्द पर एक लेखक ने "आनंद" फिल्म में अभिनेता राजेश खन्ना के माध्यम से कितना कुछ कहा है. इससे आप भली भांति परिचित है. मेरी उनके सामने कोई भी औकात नहीं हैं.मगर मैंने कुछ कहने का प्रयास किया है.गुण-अवगुणों का मूल्याकंन करें. इन दिनों जिंदगी की कुछ ठहर सी गई है. इसलिए अच्छे शब्दों का चयन भी करना भी लगभग भूल गया हूँ और शायद अब दुनिया में कुछ दिनों का ही मेहमान भी हूँ. मौत एक अटल सत्य है. इसको कोई अस्वीकार नहीं कर सकता है.बस इन दिनों मन में उठ रहे विचारों को शब्दों में समटने की कोशिश मात्र की है.
गौर कीजियेगा हम खुदा से जीने का यह बहाना बनाया करते थें कि :-

तब हम खुदा से कहा थें कि प्यार ही हमारी जिंदगी है !
अब जिंदगी रही नहीं, अब अपने पास जल्दी से बुला लें !!
*******
ले सको तो दुआएं लो, दे सको तो श्रमदान दो !
 कर सको निस्वार्थ सेवा करो, दे सको तो प्यार-प्रेम दो !!
*******
यह देखो कैसा समय का फेर आया,
अपनी भूल अंग्रेजों की पर प्यार आया !
व्यक्तिगत अभिव्यक्ति करते हैं हम हिंदी में, 
समय व संख्या का जिक्र करते हैं अंग्रेजी में !!
*******
 सेवा हम करने चले थें, उसके भी हम काबिल नहीं !
  खर्च किया समय व रुपया, हुआ मगर सब निर्थक ही !!
*******
 इस जिंदगी के सफर में हम अकेले ही चलें हैं !
  देखना है कितने लोग मिलते हैं और कितने बिछड़ते है !!
*******
 शरीर से क्यूँ नहीं निकलते प्राण
  वरना कब की खत्म हो चुकी है,
  हमारे लिए सांसें इन फिजाओं में !
 यह तुम्हारा एहसान है हम पर
 जो तुम्हारी बख्शी हुई सांसें लेकर,
 जी रहे है तुम्हारे शहर में !!
*******
 यह कसूर है हमारा के वो हमारी,
 वेफा को वेवफाई की सौगात कहते हैं !
और कहते है जिंदगी मजे से जी रहे हो,
फिर क्यों मौत की दुआ मांगते हो !!
*******
गौर कीजिये हमने कुछ कहा है कि :-

 मौत ने पूछा कि-मैं आऊँगी तो स्वागत करोंगे कैसे !
मैंने कहा कि-राह में फूल बिछाकर पूछूँगा आने में देर हुई इतनी कैसे !!
*******
 खुदा ने पूछा कि-बोल "सिरफिरे" कैसी चाहता है अपनी मौत !
मैंने कहा कि-दुश्मन* की आँखें झलक आये ऐसी चाहता हूँ अपनी मौत !!

*क्योंकि हर मौत पर अपने रिश्तेदार तो रोते ही है.लेकिन मौत का मजा तब आता है. जब मौत पर दुश्मन भी रोता है.
*******
 आज खबर अपनी मौत की लिख रहा हूँ !
इसलिए श्मशान का पता पूछ रहा हूँ.!!
*******
ऐ मेरे खुदा ! तू मुझे मौत क्यों नहीं देता !
अब मुझसे जिंदगी का बोझ उठाया नहीं जाता !!

11 टिप्‍पणियां:

  1. जीवन की अंतिम यात्रा के समय संबंधियों, और मित्रों का व्यवहार और रिवाजों पे सही प्रश्न उठाया आपने| हम जब जी रहे होते हैं, तो उनके प्यार को महसूस नही कर पाते हैं शायद...

    उत्तर देंहटाएं
  2. बातों को रखने के लिए शायरी भी बड़ी अच्छी चीज है। लेकिन कुछ कमी है, उसे दूर कर लीजिए। जैसे तुक, लय आदि…

    उत्तर देंहटाएं
  3. चंदन कुमार मिश्र जी, पोस्ट में पहले ही लिख दिया है कि इन दिनों जिंदगी की कुछ ठहर सी गई है. इसलिए अच्छे शब्दों का चयन भी करना भी लगभग भूल गया हूँ. कृपया बताये कहाँ-कहाँ सुधार करना है. हम करने के लिये तैयार है.

    उत्तर देंहटाएं
  4. रमेश जी नमस्कार, सार्थ्स्क अभिव्यक्ति।

    उत्तर देंहटाएं
  5. Dil Roya Par Aankhon Ko Rone Na Diya
    Sari Sari Raat Jage Khud Ko Sone Na Diya
    Itna Karte Hai Yaad Aap Ko
    Par Is Baat Ka Ehsaas Aap Ko Kabhi Hone Na Diya..neerajbora shayar

    उत्तर देंहटाएं
  6. Dil Roya Par Aankhon Ko Rone Na Diya
    Sari Sari Raat Jage Khud Ko Sone Na Diya
    Itna Karte Hai Yaad Aap Ko
    Par Is Baat Ka Ehsaas Aap Ko Kabhi Hone Na Diya..neeraj bora shayar

    उत्तर देंहटाएं
  7. -सुंदर रचना...
    आपने लिखा....
    मैंने भी पढ़ा...
    हमारा प्रयास हैं कि इसे सभी पढ़ें...
    इस लिये आप की ये खूबसूरत रचना...
    दिनांक 01/05/ 2014 की
    नयी पुरानी हलचल [हिंदी ब्लौग का एकमंच] पर कुछ पंखतियों के साथ लिंक की जा रही है...
    आप भी आना...औरों को बतलाना...हलचल में और भी बहुत कुछ है...
    हलचल में सभी का स्वागत है...

    उत्तर देंहटाएं

अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. आप हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें और हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं. आपको अपने विचारों की अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता है. लेकिन आप सभी पाठकों और दोस्तों से हमारी विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-आप अपनी टिप्पणियों में गुप्त अंगों का नाम लेते हुए और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए टिप्पणी ना करें. मैं ऐसी टिप्पणियों को प्रकाशित नहीं करूँगा. आप स्वस्थ मानसिकता का परिचय देते हुए तर्क-वितर्क करते हुए हिंदी में टिप्पणी करें.

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

क्रान्ति का बिगुल बजाये

जनकल्याण हेतु अपनी आहुति जरुर दें
हर वो भारतवासी जो भी भ्रष्टाचार से दुखी है,वो देश की आन-बान-शान के लिए अब भी समाजसेवी श्री अन्ना हजारे का समर्थन करने हेतु एक बार 022-61550789पर स्वंय भी मिस्ड कॉल करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे.यह श्री हजारे की लड़ाई नहीं है बल्कि हर उस नागरिक की लड़ाई है. जिसने भारत माता की धरती पर जन्म लिया है.पत्रकार-रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना हैं ज़ोर कितना बाजू-ऐ-कातिल में है